अब कार्यदायी एजेंसी के रूप में पंजीकृत होंगी ग्राम पंचायतें

कुशीनगर
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

कुशीनगर : विकास कार्यों के नाम पर धांधली व मनमानी करने वाले प्रधानों व सचिवों के लिए बुरी खबर है। वे फर्म द्वारा कराए कार्य अथवा मजदूरों के पैसे की बंदरबांट नहीं कर सकेंगे, बल्कि भुगतान सीधे लाभार्थियों के खाते में चला जाएगा। सीधे इस ट्रांजेक्शन व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी, तो विकास कार्यों में भेदभाव का मौका भी समाप्त होगा। पारदर्शी व्यवस्था को लेकर भारत सरकार ने पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल लांच किया है, इसमें सभी ग्राम पंचायतें कार्यदायी एजेंसी के रूप में पंजीकृत होंगी, तभी इन ग्राम पंचायतों के खाते में पैसा रिलीज होगा। भुगतान की इस नई व्यवस्था से प्रधानों व सचिवों की मनमानी नहीं चलेगी। बेवसाइट पर पंजीकृत ग्राम पंचायतों द्वारा 14 वें वित्त से कराए गए कार्य व संबंधित फर्म का खाता व नाम तथा मजदूरों के नाम व खाता संख्या भी अपलोड करना होगा, ताकि पंचायतीराज विभाग लाभार्थियों के खाते में पैसा ट्रांसफर कर सके। अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो इस व्यवस्था से मनमानी पर पूर्णतया अंकुश लगेगा, तो गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। इस साफ्टवेयर में मजदूर या फर्म तथा विभाग के बीच में पंजीकृत ग्राम पंचायतें एजेंसी के रूप में काम करेंगी। शासन स्तर पर 31 जुलाई तक पंजीकरण कराने की तिथि निर्धारित है।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.