तमकुहीराज तहसील में ट्रेजरी न होने से दिक्कत बढ़ी

कुशीनगर
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

तमकुहीराज तहसील में ट्रेजरी न होने से दिक्कत बढ़ी
हादसे और छिनैती के शिकार हो जाते हैं लोग
वेंडर और अधिवक्ताओं ने ट्रेजरी खुलवाने की उठाई मांग
Tamkuhi News Updates

तमकुहीराज। स्थानीय तहसील में ट्रेजरी की सुविधा नहीं होने से लोगों को पेरशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों को ट्रेजरी से संबंधित काम के लिए 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता हैं। कई बार स्टांप वेंडरों के साथ छिनैती की घटनाएं हो चुकी हैं। विभिन्न संगठनों के जरिए ट्रेजरी की स्थापित करने की मांग उठाई जाती रही है लेकिन प्रशासन की ओर से इस दिशा में सार्थक पहल अब तक नहीं की गई।
तमकुहीराज तहसील की स्थापना वर्ष 1987 मेें हुई थी। इस बीच तीन दशक से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद यहां अभी तक ट्रेजरी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ट्रेजरी से संबंधित काम के लिए यहां के लोगों को 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना मजबूरी है। सबसे अधिक परेशानी स्टांप वेंडरों को होती है। दूरी होने के कारण अक्सर वेंडर किसी को भेज कर स्टांप मंगाया करते हैं। जिसके चलते हादसे भी होते रहते हैं। वर्ष 2009 में पडरौना से स्टांप लेकर आ रहे एक वेंडर का झोला बस में गायब हो गया था। इस घटना में कई वेंडरों के लगभग डेढ़ लाख के स्टांप गायब हुए थे। इसी तरह 13 अप्रैल 2012 को स्टांप के लिए पडरौना जा रहे वेंडर से बदमाशों ने 8 लाख 88 हजार की छिनैती कर ली थी। स्टांप विक्रेता गुड्डू द्विवेदी बताते हैं कि आए दिन स्टांप के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। जब तक जनपद मुख्यालय गया शख्स वापस नहीं आ जाता है, खतरे की आशंका बनी रहती है। स्टांप वेंडर नंदकिशोर प्रसाद बताते हैं कि पूर्व में उनके साथ स्टांप लेने जाते वक्त बड़ी घटना घटी थी। वेंडर के साथ घटना होने पर न तो प्रशासन जिम्मेदार होता है और न ही पुलिस सहयोग करती है। छिनैती की घटना के बाद एक तरफ रकम जाने का दुख होता है तो दूसरी तरफ पुलिसिया पूछताछ तकलीफ को और बढ़ा देती है। अधिवक्ता समित मिश्र का कहना है कि ट्रेजरी नहीं होने से प्रशासनिक कार्यंो में दिक्कतें होती हैं। कई बार तहसील में वेंडरों के पास स्टांप एक साथ समाप्त हो जाते हैं। ऐसे में न्यायिक एवं रजिस्ट्री के कार्य प्रभावित होते हैं। अधिवक्ता संघ के मंत्री ब्रजेश कुमार पांडेय का कहना है कि तहसील क्षेत्र में जमीन की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके चलते बैनामा आदि कार्यों में कीमती स्टांप लगते हैं। ट्रेजरी नहीं होने से बडे़ स्टांप नहीं मिल पाते। फलस्वरूप बैनामा की फाइलें मोटी हो जाती हैं। उन्हें लिखना एवं संभालना कठिन होता है। यही कारण है कि अधिवक्ता संघ हमेशा उचित फोरम पर लगातार तमकुहीराज में ट्रेजरी की सुविधा प्रदान कराने की मांग करता रहा है।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.