पूर्वांचल में सलाखों के पीछे हैं 37 मासूम, अधिकांश की उम्र तीन वर्ष से भी कम

क्राइम राष्ट्रीय खबर
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

एक कहावत है कि जुर्म करे कोई और सजा भुगते कोई। यह कहावत पूर्वांचल की जेलों में बंद 37 मासूम बच्चों पर सटीक बैठती है, जो अपनी मां के गुनाहों की सजा भुगत रहे हैं। जेलों की सलाखों के पीछे 37 मासूम भी कैद हैं।  इनमें अधिकांश की उम्र तीन वर्ष से कम है। बाहर उनकी देखरेख करने वाले नहीं हैं और उनकी मां किसी न किसी मामले में आरोपी है। वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर और जौनपुर के जिला कारागार में 293 महिला बंदी हैं। इनके साथ 37 बच्चें भी हैं।

इनकी माताएं हत्या या दहेज हत्या के मामलों में आरोपी हैं। इनमें कुछ बच्चों का जन्म भी जेल में हुआ है क्योंकि जब महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था तो वे गर्भवती थीं। डीआईजी जेल वीएस यादव ने कहा कि जेल प्रशासन इन बच्चों की देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करा रहा है।

जेल में ही दी जा रही शिक्षा

तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा देने के लिए जेल के अंदर ही व्यवस्था की गई है। इस समय मिर्जापुर और जौनपुर जेल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी लगाई गई है, जो सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में इन बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही हैं।

एक बच्चे को स्कूल लेकर जाती-आती है पुलिस

वाराणसी जिला जेल में बंद एक महिला कैदी के बच्चें की उम्र छह वर्ष है। इस बच्चे का दाखिला जेल के बाहर प्राथमिक विद्यालय धौसाबाद में इस सत्र में कराया गया है जहां प्रतिदिन उसे पहुंचाने और स्कूल की छुट्टी होने पर उसे जेल ले लाने के लिए पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगायी गई है।

किस जेल में कितनी महिला बंदी और बच्चे

जेल        महिला बंदी     बच्चे
वाराणसी    105            6
जौनपुर       61           16
मिर्जापुर       90          12
गाजीपुर        37          3

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.