बंद हो मान्यता के मानक व वाहनों की जांच के नाम पर उत्पीड़न

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कुशीनगर: निजी प्रबंध अशासकीय विद्यालय कल्याण समिति के तत्वावधान में निजी विद्यालयों के संचालकों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट व एआरटीओ दफ्तर के समक्ष विरोध जता जमकर प्रदर्शन किया तथा विद्यालयों की मान्यता के मानक व वाहनों की जांच के नाम पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया। पदाधिकारियों ने सरकारी परिषदीय विद्यालयों के मानकों के पूर्ण होने तक निजी विद्यालयों को भी मानक पूर्ण कर लेने का समय देने की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। समिति के अध्यक्ष शेषनाथ ¨सह के नेतृत्व में एकत्रित हुए निजी विद्यालयों के संचालकों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए आवाज मुखर की। कहा गया कि हम सभी बच्चों से बहुत कम शुल्क लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देते हुए शिक्षकों को उचित वेतन व विद्यालय में समुचित व्यवस्था देने का कार्य करते हैं। मौजूदा समय में निजी विद्यालयों की मान्यता के मानक व वाहनों की जांच के नाम पर प्रशासन द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रशासनिक टीम द्वारा विद्यालयों की जांच अपराधियों की तरह की जा रही है। जिससे विद्यालय में भय का माहौल बना हुआ है। खराब माहौल के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। साथ ही समाज में विद्यालयों एवं उनके प्रबंध तंत्र की छवि खराब हो रही है। निश्चित ही यह देश के भविष्य के लिए ¨चता की बात है। विद्यालय संचालकों ने मान्यता की जांच के नाम पर हो रहे उत्पीड़न को तत्काल बंद कराने, जांच में व्यवहारिक पक्ष का ध्यान रखे जाने, विद्यालय वाहनों की परमिट, फिटनेस, बीमा तथा चालक का उचित लाइसेंस होने पर अन्य जांच के नाम पर उत्पीड़न बंद करने, विद्यालय वाहनों में बच्चों के उम्र व वजन को ध्यान में रखते हुए सीट क्षमता से दो गुने बच्चों को बैठाने की अनुमति दिया जाए ताकि अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम पड़े। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र दीक्षित, महामंत्री राकेश कुमार राय, कोषाध्यक्ष नचिकेता भट्ट, मीडिया प्रभारी नवल किशोर त्रिपाठी, धीरेंद्र, देवेंद्र त्रिपाठी, राकेश कुमार ¨सह, दिनेश ¨सह, इंद्रजीत, राहुल कुशवाहा, रामलाल चौधरी, दिलीप ¨सह, उमेश, राजू, प्रदीप ¨सह, घनश्याम पांडेय, अवध नारायण मल्ल, मोहन खरवार आदि मौजूद रहे।

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